Haara Lyrics – Darshan Raval

Haara Lyrics – Darshan Raval

ले मैं हारा तेरे आगे, जैसे रांझे ने हीरे हार दी

कैसी दुनिया, दुनिया दारी तेरे सदके मैं जान वार दी

नज़रों के सामने तेरा अक्स ही रहे

तेरे नाम आँसू की बूंद हर कोई


काफी है सितम तेरे, अब तलक जो हैं किए

हाल इस दीवाने का, पूछो तो सही

तू सामने मेरे लेकिन कहीं नहीं

दिल ने तेरे सिवा चाहा था कुछ नहीं


होठों पे रात दिन है मेरी ये दुआ

तुझको भुला दूं मैं, रहे याद कुछ नहीं


अब ये भी बोल दो हम कुछ नहीं तेरे

या छीन लो सभी जो ख़्वाब हैं मेरे

कहते थे साथ हमें रहना है उम्र भर

फिर क्यों नहीं हुए बोलो ना तुम मेरे


भीगी भीगी रातों में, आँसू लिए फिरता हूँ

हमको अब ज़माने की परवाह नहीं


फिर से लौट आओगे, गले से लगाओगे

दिल को न जाने क्यों है अब भी यक़ीन

तू सामने मेरे लेकिन कहीं नहीं

दिल ने तेरे सिवा चाहा था कुछ नहीं


होठों पे रात दिन है मेरी ये दुआ

तुझको भुला दूं मैं, रहे याद कुछ नहीं


हारा मैं ऐसा हारा, जैसे टूटा कोई तारा

तन्हा कोई ना सहारा, ऐसा हारा

पलकों पे ख़्वाब सजाए, सीने में याद बसाए


जैसे कोई आवारा, ऐसा हारा

हारा मैं ऐसा हारा, जैसे टूटा कोई तारा

तन्हा कोई ना सहारा, ऐसा हारा

जाऊं कहाँ मैं आखिर, मेरा तो इश्क़ है ज़ाहिर

जो ना हो फिर दोबारा, ऐसा हारा


 

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